Himachal News: सीएम ने बताया कि सरकार का उद्देश्य पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए व्यापक रूप से रि-साइकल किये जाने वाले वाहनों को प्रोत्साहित करना है। यह निर्णय प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ हरित ऊर्जा के संरक्षण को भी बढ़ावा देने के लिए है। सरकार ने प्रदेश के अर्थिक विकास को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण से मिलने वाले लाभों के लिए ऐसी कई योजनाएं शुरू की हैं। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य में बदलने का लक्ष्य रखा है।

पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर ब्याज और जुर्माने में एकमुश्त छूट के लिए आवेदन करें। छूट एक वर्ष के लिए होगी और वैध सर्टिफिकेट के साथ नए वाहन का पंजीकरण करें। हिमाचल प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम-1972 के तहत गैर परिवहन वाहनों को 15 वर्ष तक 25% और परिवहन वाहनों में आठ वर्ष तक 15% रियायत दी जाएगी।

 

 

 

 

 

 

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